एन शंकरैया भारत के आख़िरी जीवित स्वतंत्रता सेनानियों में से एक हैं. चेन्नई में ‘पारी’ से बात करते हुए, वह हमें ब्रिटिश राज के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई के सार्वजनिक, जेल, और भूमिगत, तीनों रूपों की आश्चर्यजनक कहानी बताते हैं
पी. साईनाथ, पीपल्स ऑर्काइव ऑफ़ रूरल इंडिया के संस्थापक संपादक हैं. वह दशकों से ग्रामीण भारत की समस्याओं की रिपोर्टिंग करते रहे हैं और उन्होंने ‘एवरीबडी लव्स अ गुड ड्रॉट’ तथा 'द लास्ट हीरोज़: फ़ुट सोल्ज़र्स ऑफ़ इंडियन फ़्रीडम' नामक किताबें भी लिखी हैं.
Translator
Qamar Siddique
क़मर सिद्दीक़ी, पीपुल्स आर्काइव ऑफ़ रुरल इंडिया के ट्रांसलेशन्स एडिटर, उर्दू, हैं। वह दिल्ली स्थित एक पत्रकार हैं।